PM Modi Parliament Speech: ऑपरेशन सिंदूर पर प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

PM Modi Parliament Speech: 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का जवाब भारत ने केवल 22 मिनट में दे दिया। इस ऑपरेशन का नाम था “ऑपरेशन सिंदूर” जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर करारा जवाब दिया। संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मिशन पर विस्तार से बात की और बताया कि अब भारत आतंकवाद और परमाणु धमकियों के आगे झुकने वाला नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कही ये बात

पीएम मोदी ने ये भी कहा कि पूरी दुनिया ने भारत की इस कार्रवाई का समर्थन किया। 193 देशों में से सिर्फ तीन देशों ने पाकिस्तान का साथ दिया। आइए जानते हैं वो तीन देश कौन हैं और कैसे उन्होंने भारत विरोधी रुख अपनाया।

तुर्किए, पाकिस्तान का पुराना हमदर्द

तुर्किए हमेशा से कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देता रहा है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसने और भी खुलकर समर्थन किया। भारत पर आतंकी ड्रोन हमले के लिए तुर्किए ने पाकिस्तान को ड्रोन सप्लाई किए थे। यही नहीं, तुर्किए ने मिसाइल और पनडुब्बी तकनीक तक पाकिस्तान को दी। भारत में सोशल मीडिया पर इसका जमकर विरोध हुआ, कई लोगों ने #BoycottTurkey ट्रेंड किया। तुर्किए का ये रवैया भारत के लिए नया नहीं है। कश्मीर को लेकर भी तुर्किए कई बार इंटरनेशनल मंचों पर पाकिस्तान की भाषा बोल चुका है।

अजरबैजान

भारत से हजारों किलोमीटर दूर लेकिन दिल से पाकिस्तान के साथ यही है अजरबैजान की भूमिका। ऑपरेशन सिंदूर के बाद अजरबैजान ने भारत की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की। इस देश ने पाकिस्तान को खुला समर्थन देते हुए कहा कि वो हर परिस्थिति में उसके साथ खड़ा रहेगा। अजरबैजान और तुर्किए के बीच गहरी दोस्ती है, और शायद यही वजह है कि उसने पाकिस्तान का साथ दिया। भारत और अजरबैजान के संबंध हमेशा अच्छे नहीं रहे, लेकिन इस बार उसका स्पष्ट झुकाव दिखा

चीन, बैकएंड ने की रणनीतिक मदद

चीन और पाकिस्तान की “आयरन ब्रदरहुड” कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार चीन ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक्टिव रोल निभाया। चीन ने पाकिस्तान को खुफिया जानकारी, लाइव डेटा और तकनीकी सपोर्ट दिया। यह भी दावा किया गया कि कुछ इलाकों में चीनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भारतीय टारगेट्स को पहचानने में किया गया। भारतीय सेना ने भी बताया कि इस मिशन में हम एक नहीं बल्कि तीन देशों से भिड़ रहे थे। चीन की ये भूमिका भारत-चीन संबंधों में और भी तनाव ला सकती है, खासकर जब सीमा विवाद पहले से ही चल रहा है।

भारत को मिला वैश्विक समर्थन

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में ये भी बताया कि चाहे QUAD हो या BRICS, सभी मंचों पर भारत को सपोर्ट मिला है। अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जापान जैसे बड़े देशों ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को उचित ठहराया।

भारत का सीधा जवाब

भारत ने साफ कर दिया है कि अब हर आतंकी हमले का जवाब सीधे और सटीक तरीके से दिया जाएगा, बिना किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव के। पाकिस्तान को समर्थन देने वाले देशों को भी भारत ने अपने शांत लेकिन मजबूत शब्दों में साफ संदेश दिया है “India will not bend.”

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Rishita Diwan

Content Writer

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