भारत में बढ़ेगी वूमेन रिप्रेंटेटिव की ताकत, बदलेगी लोकसभा और विधानसभाओं की तस्वीर!


Mahila Aarakshan Bill 2023: नए संसद भवन में महिला आरक्षण विधेयक प्रस्तुत किया गया। इस बिल के कानून बनने के बाद लोकसभा और देश की दूसरी विधानसभाओं में हर तीसरी सांसद महिला होगी। यह बिल लोकसभा और देश की सभी विधानसभाओं के लिए लाया गया है। इस बिल के अनुसार, 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होगी। सीटों के हिसाब से देखें तो बिल पास होने के बाद लोकसभा में महिलाओं के लिए 181 सीटें रिजर्व होंगी। फिलहाल लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या सिर्फ 82 है।

बदलेगी तस्वीर

फिलहाल लोकसभा में कुल सदस्य संख्या 543 है। इस समय महिला सांसदों की संख्या 82 है। इसके कानून बनने के बाद लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या बढ़कर 181 हो जाएंगी। इस विधेयक में संविधान के अनुच्छेद- 239AA के अंतर्गत राजधानी दिल्ली की विधानसभा में भी महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा। दिल्ली विधानसभा में भी 70 में से 23 सीटें महिलाओं के लिए रहेंगी। दूसरी राज्यों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू होगा।

अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए क्या बदलेगा?

कोटा के अंदर कोटा भी इस कानून में लागू होगा। इस तरह जो सीटें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए रिजर्व से 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए होंगी। इस बिल को लोकसभा और देश की सभी विधानसभाओं के लिए लाया  गया है।


आरक्षण रोटेशन प्रक्रिया में चलेगी

यह प्रक्रिया सतत जारी नही रहेगी। बिल में महिला आरक्षण को 15 साल (आमतौर पर तीन चुनाव) के लिए लागू किया गया है। इसके बाद संसद चाहे तो महिला आरक्षण को आगे भी बढ़ा सकती है। खास बात ये है कि देश में जातिगत आरक्षण का प्रावधान भी दस साल के लिए लागू हुआ था, जो अब तक चल रहा है।

1996 से जब जब महिला आरक्षण बिल आया तब तब यह मुद्दा उठाया गया है। कई राजनीतिक दल पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए भी कोटा की मांग कर रहे थे। हालांकि, इस बिल में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है।
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Dr. Kirti Sisodia

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