Rain Museum: भारत के इस राज्य में बना पहला रेन म्यूजियम!

Rain Museum: मेघालय का मासिनराम गांव दुनियाभर में Earth’s Wettest Place यानी धरती का सबसे ज्यादा बारिश वाला इलाका कहलाता है। यहां हर साल औसतन 12,000 मिमी बारिश होती है। ऐसे में सरकार ने यहां दुनिया का पहला Rain Museum खोलने की तैयारी की है। यह म्यूजियम केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि विज्ञान, संस्कृति और प्रकृति का अनोखा संगम होगा।

क्यों है मासिनराम इतना खास?

मासिनराम उन लोगों के लिए स्वर्ग है जो ऑफबीट ट्रैवल, मानसून और प्रकृति से प्यार करते हैं। ये गांव हरे-भरे पहाड़ों, खूबसूरत झरनों और दिलचस्प गुफाओं से घिरा हुआ है। यहां की गलियों में चलना ऐसा है जैसे आप बादलों में चल रहे हों।

बारिश है जीवन का हिस्सा

  • यहां के लोकल्स ने बारिश को सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि जीवनशैली बना लिया है।
  • लोग बांस और पत्तों से बने हाथ से बने छाते यूज़ करते हैं
  • घरों में साउंडप्रूफ छप्पर होते हैं ताकि लगातार बारिश से शोर न हो
  • यहां के Living Root Bridges यानी जीवित जड़ों से बने पुल दुनियाभर में मशहूर हैं, जो पीढ़ियों तक चलते हैं

क्या होगा खास?

इस म्यूजियम का निर्माण लगभग ₹35 करोड़ की लागत से होगा और इसमें बारिश से जुड़े तमाम पहलुओं को शानदार तरीके से दिखाया जाएगा।

  • Live Rain Simulation Zone जहां आप इनडोर मानसून का अनुभव कर पाएंगे
  • Weather & Cloud Physics पर आधारित इंटरैक्टिव डिस्प्ले
  • जलवायु परिवर्तन से जुड़ी जानकारिया
  • खासी जनजाति की सांस्कृतिक प्रदर्शनी
  • IMD और ISRO के सहयोग में बना रिसर्च सेंटर

Eco-tourism का नया हब

यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक म्यूजियम नहीं, बल्कि मेघालय में ईको-टूरिज्म को प्रमोट करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यहां आने वाले टूरिस्ट न सिर्फ ट्रैवल का मजा लेंगे, बल्कि मौसम और प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव भी महसूस करेंगे।

घूमने के लिए और क्या-क्या?

  • Mawjymbuin Cave- चूना पत्थर की अनोखी गुफा
  • Seasonal Waterfalls- जो बरसात में और भी खूबसूरत हो जाते हैं
  • Cloud Walks- पहाड़ी रास्तों पर बादलों के बीच चलना
  • Local Khasi Cuisine- ट्राइबल स्वाद का आनंद
  • Handcrafted Umbrellas & Bamboo Products- लोकल क्राफ्ट की झलक

बारिश की कहानी

अगर आप नेचर लवर हैं, मानसून के दीवाने हैं या कुछ हटकर एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो मासिनराम जरूर जाएं। बारिश को इतने करीब से समझने का मौका शायद ही कहीं और मिले।

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Rishita Diwan

Content Writer

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