Success story: इस किसान ने मेहनत से बदली अपनी तकदीर!

Success story: छत्तीसगढ़ के जशपुर विकासखंड के ग्राम जिलिंग के किसान सेवाराम ने ये साबित कर दिया कि मेहनत, सही दिशा और सरकारी सहयोग से कोई भी किसान अपनी तकदीर बदल सकता है। वर्षों से पारंपरिक खेती कर रहे सेवाराम को अधिक उत्पादन न होने की वजह से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन जब उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाया, तो उनकी खेती में क्रांतिकारी बदलाव आया और उनका जीवन स्तर भी बेहतर हुआ।

पारंपरिक खेती से संघर्ष की राह तक

सेवाराम के पास 2.8 हेक्टेयर भूमि थी, जहां वे पारंपरिक खेती कर रहे थे। वे मुख्य रूप से देशी धान और अन्य फसलें उगाते थे, लेकिन उत्पादन इतना कम था कि मेहनत के मुकाबले उन्हें उचित लाभ नहीं मिल पाता था। हर साल लागत ज्यादा और मुनाफा कम होने से उनका आत्मविश्वास कमजोर पड़ता जा रहा था।

सरकारी योजनाओं से मिली नई राह

सेवाराम की तकदीर तब बदली जब उन्होंने कृषि विभाग से संपर्क किया। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने उन्हें सही मार्गदर्शन दिया और किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने में मदद की। इस कार्ड के जरिए सेवाराम को रासायनिक खाद और बैंक लोन की सुविधा मिली, जिससे उन्होंने आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाया।

इसके अलावा, कृषि विभाग की योजनाओं के तहत उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले बीज जैसे,

  • धान (एम.टी.यू. 1256)
  • उड़द (प्रक्ष उड़द-1)
  • अरहर (सी.जी. अरहर)
  • रागी

प्रदान किए गए। नई तकनीकों और वैज्ञानिक खेती को अपनाने से उनकी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

मेहनत और नई तकनीक से मिली सफलता

इस साल सेवाराम की मेहनत रंग लाई। फसल उत्पादन पिछले साल की तुलना में कहीं अधिक हुआ। सरकारी योजनाओं के सही उपयोग से उनकी लागत घटी और मुनाफा बढ़ा। अपनी सफलता को लेकर सेवाराम कहते हैं,

“पहले लागत ज्यादा थी, लेकिन आमदनी कम होती थी। अब सरकारी योजनाओं के सहारे खेती करना आसान और लाभकारी हो गया है। इस बार अच्छी फसल से हुई आमदनी से मैंने अपने घर का निर्माण पूरा किया है।”

गांव के अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा

सेवाराम न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हुए, बल्कि वे गांव के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और कृषि विभाग को धन्यवाद देते हुए कहा कि अगर सरकार इसी तरह किसानों का साथ देती रही, तो हर किसान उन्नति की राह पर आगे बढ़ सकेगा।

ये भी पढ़ें Nagri Dubraj Rice: नागरी दुबराज राइस, जिसे मिल चुका है GI टैग

Positive सार

सेवाराम की सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और मेहनत से किसी भी किसान की जिंदगी बदली जा सकती है। अगर किसान आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक खेती को अपनाएं, तो वे कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं के माध्यम से भविष्य में और भी किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

Avatar photo

Rishita Diwan

Content Writer

ALSO READ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Owner/Editor In Chief: Dr.Kirti Sisodia 

Office Address: D 133, near Ram Janki Temple, Sector 5, Jagriti Nagar, Devendra Nagar, Raipur, Chhattisgarh 492001

Mob. – 6232190022

Email – Hello@seepositive.in

FOLLOW US​

GET OUR POSITIVE STORIES

Uplifting stories, positive impact and updates delivered straight into your inbox.