Medicinal Use of Giloy: किन बीमारियों में रामबाण मानी गई है गिलोय?

Medicinal Use of Giloy: आयुर्वेदिक औषधि के रूप में उपयोग की जाने वाली गिलोय के बारे में तो आप सबने सुना होगा। लेकिन क्या आप इसके औषधीय गुणों (Medicinal Use of Giloy) के बारे में जानते हैं?गिलोय का वैज्ञानिक नाम टीनोस्पोरा कोर्डिफोलिया है। गिलोय का उपयोग कई प्रकार की बीमारियों को दूर करने में किया जाता है। आयुर्वेद में इसे रामबाण औधषी कहा जाता है। आइए जानते हैं गिलोय से किन-किन शिकायतों में राहत मिलती है।

जोड़ों के दर्द में फायदेमंद

गिलोय को मुख्य रूप से जोड़ों के दर्द और सूजन जैसी तकलीफों को दूर करने में यूज किया जाता है। गाठिया या गाउट में कैस्टर ऑइल के साथ गिलोय मिलाकर तेल बनाया जाता है। इस तेल की मालिश से दर्द में काफी राहत मिलती है। वहीं अर्थराइटिस में भी गिलोय और अदरक को मिलाकर औषधी बनाई जाती है। गिलोय का इस तरह से उपयोग सालों से होता आ रहा है।

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नॉर्मल फीवर में है कारगर

सामान्य बुखार में गिलोय उपयोगी होता है। दरअसल गिलोय में शरीर का तापमान कम करने का गुण होता है। बुखार में गिलोय लेन से तापमान कम होने लगता है और बुखार में राहत मिलती है। NCBI यानी नेशनल सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी इनफॉर्मेशन ने भी अपने रिसर्च में इस बात का जिक्र किया था कि गिलोय फीवर कम करने में कारगर है।

इम्यून सिस्टम के लिए है वरदान

गिलोय का रस बिना किसी बीमारी के भी उपयोग किया जा सकता है। यह इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग करता है। गिलोय के जूस में इम्यून इफेक्टर सेल्स बूस्टर गुण पाए जाते हैं।

डाइजेशन सिस्टम में सुधार

डाइजेशन से जुड़ी समस्याओं जैसे कब्ज और एसिडिटी में भी गिलोय काम करता है। गिलोय शरीर के डाइजेस्टिव सिसटम को बेहतर कर डाइजेशन को आसान बनाता है

दूर करता है तनाव और थकान

गिलोय सिर्फ शारीरिक कमजोरियों को ही दूर नहीं करता बल्की यह तनाव कम करने में भी सहायक है। गिलोय में एडाप्टोजेनिक प्रॉपटी पाई जाती है। जो शरीर के हार्मोनल लेवल बैलेंस करके थकान और तनाव को मेंटने करता है।

एंटी-इंफ्लेमेट्री गुणों से भरपूर

एंटी-इंफ्लेमेट्री गुणों से भरपूर गिलोय शरीर में होने वाली सूजन की समस्या को कम करता है। इसके साथ ही सूजन से होने वाले दर्द को भी कमने का काम करता है।

स्कीन ट्रीटमेंट में भी फायदेमेंद

एंटी इंफ्लेमेट्री  प्रॉपटी के कारण ही गिलोय का उपयोग कई स्कीन प्रॉब्लम्स में भी किया जाता है। गिलोय चेहरों पर होने वाले पिंपल्स को कम करता है। अपनी एंटीऑक्सीडेंट गुण के कारण स्कीन एजिंग को भी स्लो करता है।

एक्सपर्ट की सलाह है जरूरी

गिलोय के पत्ते, जड़ और तने को औषधी के रूप में उपयोग किया जाता है। बाजार में गिलोय जूस और टेबलेट भी अवेलेबल हैं। कुछ मामलों में गिलोय के उपयोग से एलर्जिक रिएक्शन के केस जैसे सिरदर्द या एलर्जिक रिएक्शन देखे गए हैं। इसलिए यूज करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

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Rishita Diwan

Content Writer

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