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99,999 रुपए में बेची गई असम की बेस्ट टी, भारत में चाय की पत्ती के लिए सबसे बड़ी बोली!

by Rishita Diwan

Date & Time: Feb 16, 2022 3:00 PM

Read Time: 2 minute


Highlights:

  • असम की बेस्ट टी की रिकॉर्ड बिक्री
  • 99,999 रुपए में बेची गई असम की बेस्ट टी
  • असम टी ट्रेडर्स ने बोली लगाकर खरीदी असम की बेस्ट टी

असम में गुवाहाटी के टी ऑक्शन सेंटर में असम की बेस्ट टी की रिकॉर्ड बोली लगी। 14 फरवरी को गोल्डन पर्ल चाय पत्ती को देश में किसी भी चाय की पत्ती के लिए आज तक की सबसे बड़ी बोली लगाकर खरीदी गई है। असम के डिब्रूगढ़ की इस स्पेशल चाय पत्ती के एक किलोग्राम पैक के लिए असम टी ट्रेडर्स ने 99,999 रुपए की बोली लगाई है। सिर्फ दो महीने में दूसरी बार किसी कंपनी की एक किलो चाय पत्ती को 99,999 रुपए में खरीदा गया। इससे पहले दिसंबर, 2021 में गोल्डन बटरफ्लाई चाय पत्ती (मनोहारी गोल्ड टी) को भी 99,999 रुपए में खरीदा गया था।

बेस्ट है गोल्डन पर्ल टी

गोल्डन पर्ल टी असम को डिब्रूगढ़ जिले के नाहोरचुकबारी कारखाने में तैयार किया गया है। गुवाहाटी में हुई इस नीलामी में कई बड़ी चाय कंपनियों ने भाग लिय, लेकिन गोल्डन पर्ल टी सबसे अच्छी मानी गई और खरीदारों ने उसके लिए रिकॉर्ड बोली लगाई।

खरीददार को कितनी चायपत्ती मिलेगी ?

99,999 रुपए में मिला इस चाय की पत्ती का केवल एक किलो ही खरीददार को मिलेगी। यानी कि 1 लाख में 1 रुपए कम कीमत की इस चाय की पत्ती का 1 किलोग्राम ही खरीदने वाले को मिलेगा। दरअसल यह बोली इस चाय के सिर्फ एक किलोग्राम के लिए लगाई गई थी। इसे खरीदने वाले असम टी ट्रेडर्स की पहचान असम की हाई स्पेशियल्टी टी के सबसे बड़े खरीदार के तौर है।
गोल्डन पर्ल टी बनाने वाली कंपनी की शुरूआता 2018 में हुई थी। इसके मालिक का कहना है कि यह कंपनी असम के बेहद छोटे चाय उत्पादकों को सही दाम दिलाने के लिए बनाई गई थी। वे फिलहाल 200 
किसानों से उनकी फसल खरीद रहे हैं।

क्यों लगाई जाती है चाय की इतनी महंगी बोली?

हाई क्वालिटी वाली चायपत्ती की पहुंच सही खरीददार तक पहुंचे इसी उद्देश्य से चायपत्ती की बोली लगाई जाती है। इसके लिए पूरी दुनिया में कई टी ऑक्शन सेंटर खोले गए हैं। इन सेंटर्स में कंपनियां अपनी बनाई गयी चायपत्ती के सैंपल को भेजती है। जिसके बाद सभी कंपनियों के सैंपल समान तापमान, मात्रा के आधार पर टेस्ट किए जाते हैं और इसके बाद सबसे अच्छी चाय घोषित होती है, इन सब प्रोसेस के बाद बेस प्राइस पर बोली लगती है।

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