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‘आने वाले तीन वर्षों में भारत बन सकता है 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था वाला राष्ट्र ‘– वी अनंत नागेश्वरन

by admin

Date & Time: Feb 03, 2022 3:00 PM

Read Time: 2 minute


Highlights:

  • भारत बन सकता है 5 ट्रिलियन वाली अर्थव्यवस्था- मुख्य आर्थिक सलाहकार
  • वित्त वर्ष 2025-26 या 2026-27 तक भारत 5 ट्रिलियन डॉलर होगी भारत की अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से दुनिया के सामने उभरी है। फिर चाहे वह निवेश के क्षेत्र में हो या फिर व्यापार का क्षेत्र। हालांकि कोविड महामारी के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था थोड़ी डगमगाई जरूर थी लेकिन स्थिति के संभलने में भी तेजी रही। हाल ही में भारत का आम बजट 2022 पेश किया गया। इस बजट को लेकर कई विशेषज्ञों का यह रुख है कि बजट नपा-तुला और दूरदृष्टिता को परिभाषित करता है। दरअसल बजट पेश होने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहना है कि-“ वित्त वर्ष 2025-26 या 2026-27 तक भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला देश बन सकता है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि अगर 8 से 9 फीसदी की सतत वृद्धि जारी रहती है तो भारत अगले 3 वर्षों की अवधि में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने क्षमता रखता है। मुख्य आर्थिक सलाहकार नागेश्वरन ने यह भी कहा कि का डॉलर के लिहाज से जीडीपी पहले ही तीन हजार अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। तो अगर भारत आठ से नौ प्रतिशत वास्तविक जीडीपी को कायम रख पाता है तो यह डॉलर के आधार पर आठ प्रतिशत जीडीपी की वृद्धि करेगा।

खास बातें जिसकी वजह से 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत

  • साल 2019 में पीएम नरेंद्र मोदी ने वित्त वर्ष 2024-25 तक भारत को 5 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर की अर्थव्यवस्था और वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने की बात की थी।
  • ऐसा होने पर भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। चालू वित्त वर्ष में भारतीय इकोनॉमी के 9.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में 8-8.5 फीसदी जीडीपी का अनुमान लगाया गया है।
  • जीडीपी ग्रोथ की बात करें तो वित्त वर्ष 2023-24 में इसका 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। लेकिन, आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट की बात करें तो इसमें कोरोना महामारी की वजह से आई चुनौतियों, वैश्विक अर्थव्यवस्था और मुद्रास्फीति में अनिश्चितताओं का भी जिक्र है।
  • आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार ई-कॉमर्स को छोड़ आईटी-बीपीओ सेक्टर वित्त वर्ष 2020-21 में सालाना आधार पर 2.26 फीसदी की दर से बढ़कर 19.4 हजार करोड़ डॉलर का हुआ है।

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