GANESHA MANAGEMENT: भगवान श्री गणेश शुभ कार्यों के देवता माने जाते हैं। किसी भी शुभ काम के पहले उनकी ही पूजा की जाती है। साथ ही सभी देवताओं में भगवान गणेश प्रथम पूज्य माने जाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार उनकी पूजा से सभी काम सफल होते हैं। इसके अलावा भगवान गणेश का जीवन असल जिंदगी में भी काफी कुछ सीख देता है। जिन्हें हम अपने जीवन में उतार कर जिंदगी के उतार-चढ़ावों में बेहतर तरीके से निपट सकते हैं।
एक अच्छा श्रोता बेहद जरूरी - कहते हैं भगवान गणेश के बड़े-बड़े कान इस बात का संदेश देते हैं, कि सभी बातों को ध्यान से सुनना चाहिए। यानि कि हर व्यक्ति को एक अच्छा श्रोता होना चाहिए। गणेश जी इस बात का संदेश देते हैं कि बोलने से ज्यादा सुनना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि किसी भी स्थिति को संभालने के लिए एक अच्छा श्रोता होना बेहद आवश्यक है। हमेशा पहले सुनना चाहिए, फिर बोलना चाहिए।
जीवन में संतुलन बनाकर रखें- जीवन में संतुलन बनाए रखना काफी जरूरी होता है। घर हो या काम, मौज-मस्ती, खेल और जीवन में संतुलन बनाना हमेशा काम आता है। अगर आप भगवान श्री गणेश की मूर्ति को ध्यान से देखेंगे, तो भगवान गणेश का एक पैर जमीन पर टिका हुआ होता है और दूसरा मुड़ा हुआ, गणेश जी का यह गुण हमें जीवन में संतुलन का महत्व सिखाता है।
सभी का सम्मान करें- भगवान गणेश यह संदेश देते है, कि हमेशा सबका सम्मान करना और सबके प्रति विनम्र रहना जरूरी है। गणेश जी का वाहन चूहा है, यह सीखाता है कि हमें नम्रता और छोटे से छोटे जीव का भी सम्मान करना चाहिए। भगवान गणेश का यह गुण बताता है कि कोई भी जीव असमान नहीं है और सभी के साथ वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए जैसा आप दूसरों से चाहते हैं।
अपने ज्ञान और शक्ति का बुद्धिमानी से करें इस्तेमाल- भले ही आपके पास कितना भी ज्ञान या शक्ति क्यों न हो, आपको इसका गलत तरीके से इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। साथ ही इसका उपयोग समाज के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। आपका ज्ञान और आपकी शक्ति ही आपका सबसे शक्तिशाली हथियार है। इसलिए आपको इसका बुद्धिमानी से इस्तेमाल करना चाहिए ताकि खुद को या दूसरों को कोई नुकसान न पहुंचे।
अपनी कमियों को करें स्वीकार- कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं है, प्रत्येक की अपनी-अपनी कमियां होती है। अगर आप अपनी इन खामियों को अपने पूरे दिल से स्वीकार करते हैं तो आप एक बेहतर इंसान बन सकते हैं। अपनी खामियों को अपनी कमजोरी नहीं समझना चाहिए, बल्कि इन्हें अपनी ताकत समझकर इसे स्वीकार करना चाहिए।
भगवान गणेश की मूर्ति एक हाथी के सिर वाला मानव शरीर है, जो हमें सिखाता है कि हमें खुद को और अपने आस-पास के सभी लोगों को वैसे ही स्वीकार करना सीखना चाहिए जैसे वे हैं।
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